यह प्रस्तुति जमताड़ा सीज़न 2 के विषयों – विश्वासघात, सत्ता की भूख, नतीजों का बोझ और एक पूरे गाँव का अपराध और पीड़ित दोनों होना – को दर्शाती है।
समाप्त।
सिस्टम? तू मर गया, गुड्डू। तेरा सिस्टम भी मर गया। बच्चे अब कॉल सेंटर से पहले पिता को फोन करना सीख रहे हैं, कि कब पुलिस आएगी। यहाँ अब OTP नहीं, अंतिम संस्कार के टिकट बिकते हैं। Jamtara Sabka Number Ayega -Season 2- Hindi
Season two में... नंबर नहीं आता। नंबर आपको ले जाता है। सत्ता की भूख
इस सीज़न में एक नया खिलाड़ी है – "कानून"। लेकिन ये वो कानून नहीं जो किताबों में लिखा है। ये वो कानून है जो चार बजे सुबह बिना वारंट के दरवाज़ा तोड़ता है। ये वो कानून है जो मासूम को भी अपराधी बना देता है, क्योंकि उसके गाँव में फोन के तार नहीं बिछे, सिर्फ जाल बिछा है। Jamtara Sabka Number Ayega -Season 2- Hindi
जमताड़ा... ये नाम अब ज़हर नहीं लगता, साले। ये तो हमारी रगों में बहने वाला खून है। जहर पीकर जीने वाले लोगों का शहर।