अब आप बताइए, क्या आप भी ये प्रण लेंगे?
लो जी, ग्राहक को सामान। पॉलिथीन ले जाओ, बाद में कहीं फेंक देना। ये सड़क है, इसका मालिक कोई नहीं। (पॉलिथीन हवा में उड़ाते हैं)
मैं हर रविवार को गली सफाई अभियान चलाऊंगी।
मेरे बाप ने की गलती, पर मैं सुधर गया। आज से मैं कपड़े का थैला लेकर आऊंगा। आप भी जूट का थैला रखो। Nukkad Natak Script In Hindi On Cleanliness Pdf 20
अब मैं भिखारी नहीं, स्वच्छता का सिपाही बनूंगा। सफाई करूंगा, सबको बताऊंगा।
दूत जी, पर हम तो गरीब हैं। डस्टबिन कहाँ है? सफाई कर्मी कहाँ है?
(इतने में मुन्नी स्कूल बैग लिए, साफ सुथरी पोशाक में आती है) अब आप बताइए
मैं हूं स्वच्छता का संदेशवाहक। सुनो मेरी वाणी, बदलो अपनी कहानी। गंदगी वो दीवार है, जो खुशियों को रोकती है। स्वच्छता वो चाबी है, जो सेहत का दरवाजा खोलती है। एक बार नहीं, हर रोज सफाई करो। खुद भी स्वच्छ रहो, दूसरों को भी समझाओ।
तू चुप कर, बड़ा आया ज्ञानी। तेरे बाप ने भी पॉलिथीन ही तो डलवाई थी।
(शर्मिंदा) अरे बच्ची, तू तो पक्का IAS बनेगी। ठीक है, आज से मैं कागज के थैले रखूंगा। दृश्य 3: स्वच्छता दूत का आगमन (संगीत के साथ स्वच्छता दूत सफेद वस्त्र धारण कर, झाड़ू हाथ में लिए प्रकट होता है) सबको बताऊंगा। दूत जी
राजू भइया, तुम बहुत चिल्लाते हो। गंदगी से ही तो मुझे रोटी मिलती है। लोग कूड़ा फेंकते हैं, मैं उसमें से बेच देता हूँ। गंदगी मेरी माँ है।
अरे बाप रे! ये क्या हाल बना रखा है। यहाँ पॉलिथीन, वहाँ छिलका, इधर मूत, उधर थूक। क्या ये गंदगी हमारी पहचान है? मैं थक गया समझाने से। (जोर से) अरे कोई तो सुधरो!
आज से मैं कूड़ा कंपोस्ट में डालूंगी।
अब आप बताइए, क्या आप भी ये प्रण लेंगे?
लो जी, ग्राहक को सामान। पॉलिथीन ले जाओ, बाद में कहीं फेंक देना। ये सड़क है, इसका मालिक कोई नहीं। (पॉलिथीन हवा में उड़ाते हैं)
मैं हर रविवार को गली सफाई अभियान चलाऊंगी।
मेरे बाप ने की गलती, पर मैं सुधर गया। आज से मैं कपड़े का थैला लेकर आऊंगा। आप भी जूट का थैला रखो।
अब मैं भिखारी नहीं, स्वच्छता का सिपाही बनूंगा। सफाई करूंगा, सबको बताऊंगा।
दूत जी, पर हम तो गरीब हैं। डस्टबिन कहाँ है? सफाई कर्मी कहाँ है?
(इतने में मुन्नी स्कूल बैग लिए, साफ सुथरी पोशाक में आती है)
मैं हूं स्वच्छता का संदेशवाहक। सुनो मेरी वाणी, बदलो अपनी कहानी। गंदगी वो दीवार है, जो खुशियों को रोकती है। स्वच्छता वो चाबी है, जो सेहत का दरवाजा खोलती है। एक बार नहीं, हर रोज सफाई करो। खुद भी स्वच्छ रहो, दूसरों को भी समझाओ।
तू चुप कर, बड़ा आया ज्ञानी। तेरे बाप ने भी पॉलिथीन ही तो डलवाई थी।
(शर्मिंदा) अरे बच्ची, तू तो पक्का IAS बनेगी। ठीक है, आज से मैं कागज के थैले रखूंगा। दृश्य 3: स्वच्छता दूत का आगमन (संगीत के साथ स्वच्छता दूत सफेद वस्त्र धारण कर, झाड़ू हाथ में लिए प्रकट होता है)
राजू भइया, तुम बहुत चिल्लाते हो। गंदगी से ही तो मुझे रोटी मिलती है। लोग कूड़ा फेंकते हैं, मैं उसमें से बेच देता हूँ। गंदगी मेरी माँ है।
अरे बाप रे! ये क्या हाल बना रखा है। यहाँ पॉलिथीन, वहाँ छिलका, इधर मूत, उधर थूक। क्या ये गंदगी हमारी पहचान है? मैं थक गया समझाने से। (जोर से) अरे कोई तो सुधरो!
आज से मैं कूड़ा कंपोस्ट में डालूंगी।